
समय-सीमाएँ
- चेक उसकी वैधता अवधि, अर्थात जारी होने की तारीख़ से तीन महीने, के भीतर बैंक में प्रस्तुत होना चाहिए।
- बैंक से अनादर की सूचना मिलने के 30 दिन के भीतर लिखित माँग नोटिस भेजें।
- नोटिस मिलने के बाद चेक जारी करने वाले के पास भुगतान के लिए 15 दिन होते हैं।
- 15 दिन बीतने के बाद एक महीने के भीतर शिकायत दाख़िल करें (धारा 142(1)(b))। पर्याप्त कारण हो तो देरी माफ़ हो सकती है।
- तारीख़ें गिनने के लिए धारा 138 कैलकुलेटर देखें।
शिकायत कहाँ
- शिकायत वहाँ दाख़िल होती है जहाँ प्राप्तकर्ता (payee) की वह बैंक शाखा है जिसमें चेक वसूली के लिए जमा किया गया (धारा 142(2))।
दंड और मुआवज़ा
- दो वर्ष तक का कारावास, या चेक की राशि के दोगुने तक जुर्माना, या दोनों।
- न्यायालय चेक राशि के 20 प्रतिशत तक अंतरिम मुआवज़ा दिलवा सकता है (धारा 143A)।
- दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील में कम से कम 20 प्रतिशत राशि जमा करवाई जा सकती है (धारा 148)।
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मूल चेक, बैंक का रिटर्न मेमो, नोटिस और उसकी डाक रसीद सुरक्षित रखें।
गगनदीप गोयल, अधिवक्ता के चैंबर द्वारा तैयार। अंतिम समीक्षा 14 अक्टूबर 2026।