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ज्ञान

चेक बाउंस: धारा 138।

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के अंतर्गत चेक अनादर की प्रक्रिया और समय-सीमाएँ। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं।

समय-सीमाएँ

  • चेक उसकी वैधता अवधि, अर्थात जारी होने की तारीख़ से तीन महीने, के भीतर बैंक में प्रस्तुत होना चाहिए।
  • बैंक से अनादर की सूचना मिलने के 30 दिन के भीतर लिखित माँग नोटिस भेजें।
  • नोटिस मिलने के बाद चेक जारी करने वाले के पास भुगतान के लिए 15 दिन होते हैं।
  • 15 दिन बीतने के बाद एक महीने के भीतर शिकायत दाख़िल करें (धारा 142(1)(b))। पर्याप्त कारण हो तो देरी माफ़ हो सकती है।
  • तारीख़ें गिनने के लिए धारा 138 कैलकुलेटर देखें।

शिकायत कहाँ

  • शिकायत वहाँ दाख़िल होती है जहाँ प्राप्तकर्ता (payee) की वह बैंक शाखा है जिसमें चेक वसूली के लिए जमा किया गया (धारा 142(2))।

दंड और मुआवज़ा

  • दो वर्ष तक का कारावास, या चेक की राशि के दोगुने तक जुर्माना, या दोनों।
  • न्यायालय चेक राशि के 20 प्रतिशत तक अंतरिम मुआवज़ा दिलवा सकता है (धारा 143A)।
  • दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील में कम से कम 20 प्रतिशत राशि जमा करवाई जा सकती है (धारा 148)।

और पढ़ें

मूल चेक, बैंक का रिटर्न मेमो, नोटिस और उसकी डाक रसीद सुरक्षित रखें।

English   ਪੰਜਾਬੀ

गगनदीप गोयल, अधिवक्ता के चैंबर द्वारा तैयार। अंतिम समीक्षा 14 अक्टूबर 2026।